Monday, February 4, 2013

बेटी


1 comment:

  1. कुरलिया जी वाकई आपकी यह रचना 'बेटी' बहुत ही रोचक रचना है और दिल को छू जाने वाली रचना है..........ऐसी रचनाओं को अब आप शब्दनगरी कि ब्लॉगिंग साइट्स पे भी प्रकाशित कर सकतें हैं.....

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